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हस्तशिल्प मेले में शहरवासियों ने दिखाई दरियादिली
उज्जैन। कालिदास अकादमी परिसर में चल रहा हस्तशिल्प मेला आखिरी रविवार को खचाखच रहा। शाम से ही यहां शहरवासियों जुटने लगे और रात को तो यहां पैर रखने तक की जगह नहीं मिल रही थीं। शहरवासियों के बीच मेले को लेकर बढ़े आकर्षण की वजह से ९ दिन में यहां १.१० करोड़ रुपए का कारोबार हुआ। हस्तशिल्पी वस्तुओं को बढ़ावा देने के लिए आयोजित इस मेले ने कई प्रदेश के हस्तशिल्पियों को कारोबार का अच्छा अवसर मिला। भीड़ अधिक होने से लोगों को वाहन पार्र्किंग तक के लिए जगह नहीं मिल पाई। सोमवार शाम मेले का विधिवत समापन होगा।
विभिन्न प्रदेशों से आए हस्तशिल्पी उत्पाद के साथ नई वैरायटियां लोगों को खूब भा रही है। साथ ही यहां लोग सांस्कृतिक आयोजनों के साथ खान-पान स्टॉलों का भी लुत्फ उठा रहे हैं। बच्चों के लिए मिनी ट्रेन, झूले से लेकर अप्पू घर तक यहां बना है। हस्तशिल्प मेला इस बार बड़े क्षेत्र में आयोजित किया गया है। इस कारण दुकानों से लेकर अन्य जोन के लिए पर्याप्त जगह मिल गई। पिछले साल आचार संहिता के कारण मेला आयोजित नहीं हुआ था। इस कारण भी शहरवासियों में मेले का क्रेज अधिक रहा। जिपं की अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी कीर्ति मिश्रा के अनुसार मेले में उम्मीद से अधिक कारोबार हुआ। अब तक करीब १.१० करोड़ रुपए का कारोबार हुआ है।
किस वस्तु का कितना कारोबार
कपड़ा व होजियरी – 35 लाख
सौंदर्य प्रसाधन व इमिटेशन ज्वेलरी -15 लाख
घरेलू व सजावटी आयटम – 12 लाख
झूला जोन – 07 लाख
खान-पान स्टॉल – 15 लाख
जूता चप्पल – 06 लाख
कुटीर व गृह उद्योग उत्पाद – 08 लाख
अन्य फुटकर व्यापार – 11 लाख
सजावट भी कुछ खास, साफ सुथरा परिसर
हस्तशिल्प मेले का परिसर पारंपरिक रूप में सजाया गया है। साथ ही यहां आकर्षक लाइटिंग भी लोगों को लुभाती है। बीच में सेल्फी पाइंट व अस्थायी फाउंटेन भी आकर्षित करते हैं। मेले को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त रखने के साथ यहां सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है। इससे पूरा परिसर स्वच्छ बना रहता है। सुबह व शाम दो बार यहां सफाई होती है।